“सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जहां 24 कैरेट सोना 1,61,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है। अगले सप्ताह मजबूती के संकेत दिख रहे हैं, जबकि वैश्विक मांग, अमेरिकी फेड रेट कट्स, मुद्रास्फीति और टैरिफ अनिश्चितताएं जैसे फैक्टर्स दाम तय करेंगे।”
सोने की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल देखा जा रहा है, जहां MCX पर 24 कैरेट सोने का भाव 1,61,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। यह पिछले सत्र से 2,250 रुपये की बढ़ोतरी दर्शाता है, जो कि गणतंत्र दिवस के मौके पर नई ऊंचाई है। 22 कैरेट सोना 1,46,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि 18 कैरेट 1,20,190 रुपये प्रति 10 ग्राम। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 5,024.95 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है, जो 0.85 प्रतिशत की वृद्धि है।
चांदी की बात करें तो कीमतें 3,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई हैं, जो कि 7,000 रुपये की दैनिक बढ़ोतरी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर 109.94 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर है, जो 7.28 प्रतिशत ऊपर है। यह उछाल सिल्वर की औद्योगिक मांग और सप्लाई डेफिसिट से प्रेरित है, जहां इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सोलर एनर्जी सेक्टर में उपयोग बढ़ रहा है।
अगले सप्ताह सोने-चांदी में मजबूती के संकेत मजबूत हैं, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बनी हुई है। यदि फेड रेट्स 0.25 प्रतिशत कम करता है, तो डॉलर कमजोर होगा, जो कीमती धातुओं को सपोर्ट देगा। इसके अलावा, वैश्विक कर्ज स्तरों में वृद्धि और मुद्रास्फीति की दर 3.5 प्रतिशत से ऊपर रहने की संभावना दामों को ऊपर धकेलेगी।
शहर-वार कीमतों की तालिका:
| शहर | 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | चांदी (प्रति किलोग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,61,260 रुपये | 1,47,900 रुपये | 3,35,200 रुपये |
| मुंबई | 1,61,000 रुपये | 1,46,900 रुपये | 3,35,000 रुपये |
| चेन्नई | 1,61,500 रुपये | 1,47,200 रुपये | 3,36,000 रुपये |
| कोलकाता | 1,61,100 रुपये | 1,46,950 रुपये | 3,34,800 रुपये |
| लखनऊ | 1,61,300 रुपये | 1,47,050 रुपये | 3,35,500 रुपये |
ये दरें जीएसटी और मेकिंग चार्जेस से पहले हैं, जो स्थानीय बाजारों में 3-5 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़ सकती हैं।
अब बात उन फैक्टर्स की जो दाम तय करेंगे। सबसे प्रमुख है अमेरिकी फेड की पॉलिसी, जहां 2026 में तीन से चार रेट कट्स की संभावना है। यदि डॉलर इंडेक्स 90 से नीचे गिरता है, तो सोना 5,200 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। दूसरा, टैरिफ अनिश्चितताएं: अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर के नए दौर से निवेशक सुरक्षित एसेट्स की ओर रुख करेंगे। भारत में, त्योहारों की मांग जैसे दीवाली और अक्षय तृतीया से पहले खरीदारी बढ़ेगी, जो अप्रैल तक दामों को 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक ले जा सकती है।
चांदी के लिए इंडस्ट्रियल डिमांड क्रिटिकल है। इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरीज में सिल्वर का उपयोग 20 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि सोलर पैनल्स में 15 प्रतिशत। सप्लाई साइड पर, माइनिंग आउटपुट में 5 प्रतिशत की कमी अनुमानित है, जो डेफिसिट को 500 मिलियन औंस तक ले जाएगा। JPMorgan की रिपोर्ट के अनुसार, सिल्वर 375 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है यदि इंडस्ट्रियल ग्रोथ 7 प्रतिशत रहती है।
कीमती धातुओं में निवेश के प्रमुख बिंदु:
सोने में निवेश रणनीति : ETF जैसे SPDR Gold Shares या Sovereign Gold Bonds चुनें, जो 8 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न दे सकते हैं। फिजिकल गोल्ड पर 3 प्रतिशत GST बचाने के लिए डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म्स जैसे Groww या Paytm Money यूज करें।
चांदी के ऑप्शंस : MCX सिल्वर फ्यूचर्स में ट्रेड करें, जहां वॉल्यूम 10 प्रतिशत बढ़ा है। लॉन्ग-टर्म के लिए सिल्वर ETF जैसे iShares Silver Trust, जो 25 प्रतिशत ग्रोथ दिखा रहा है।
रिस्क मैनेजमेंट : ग्लोबल डेब्ट 350 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने से हेजिंग जरूरी। यदि मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत से ऊपर जाती है, तो पोर्टफोलियो में 10-15 प्रतिशत गोल्ड-चांदी रखें।
मार्केट इंडिकेटर्स : गोल्ड-सिल्वर रेशियो 45:1 पर है, जो सिल्वर के आउटपरफॉर्मेंस का संकेत देता है। यदि रेशियो 40:1 नीचे आता है, तो सिल्वर में स्विच करें।
भारतीय संदर्भ : RBI की सेंट्रल बैंक खरीदारी 100 टन बढ़ी है, जो लोकल प्राइस को सपोर्ट देगी। स्टॉक मार्केट वोलेटिलिटी इंडेक्स (VIX) 20 से ऊपर रहने पर कीमती धातुएं सेफ हेवन बनेंगी।
वैश्विक परिदृश्य में, सेंट्रल बैंक डिमांड सोने के लिए 1,000 टन से ज्यादा रहेगी, जबकि सिल्वर में इंडस्ट्रियल यूज 1.2 बिलियन औंस तक पहुंचेगा। यदि यूएस इकोनॉमी में रिसेशन के संकेत मिलते हैं, जैसे GDP ग्रोथ 1.5 प्रतिशत नीचे, तो दामों में 10-15 प्रतिशत अतिरिक्त उछाल संभव है। भारत में, रुपए की कमजोरी (85 प्रति डॉलर) इंपोर्टेड प्राइस को बढ़ाएगी।
अंत में, निवेशकों को सलाह है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के लिए टेक्निकल एनालिसिस यूज करें, जहां सोना 1,58,000 रुपये पर सपोर्ट और 1,65,000 पर रेसिस्टेंस दिखा रहा है। चांदी में 3,20,000 सपोर्ट और 3,50,000 टारगेट है। मार्केट में लिक्विडिटी हाई रहने से वॉल्यूम बढ़ेगा, लेकिन वोलेटिलिटी से सावधान रहें।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट और स्रोतों से प्राप्त टिप्स पर आधारित है।