बजट 2026: बायो-मिक्स CNG पर excise duty से छूट, जानें ये ईंधन कैसे बचाएगा पैसे और पर्यावरण?

बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बायो-मिक्स CNG पर सेंट्रल excise duty की गणना में बायोगैस के पूरे मूल्य को बाहर रखने का ऐलान किया, जो स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देगा। बायो-मिक्स CNG, जो CBG और प्राकृतिक गैस का मिश्रण है, अपशिष्ट से बनता है और उत्सर्जन कम करता है। इससे LNG आयात में 11.17 बिलियन USD की बचत संभव, साथ ही किसानों को स्टबल और ऑर्गेनिक वेस्ट से आय। अनिवार्य blending से FY26 से 5% CBG मिश्रण जरूरी, जो SATAT योजना के तहत 5000 प्लांट्स को सपोर्ट करेगा।

बायो-मिक्स CNG क्या है? बायो-मिक्स CNG एक पर्यावरण-अनुकूल ईंधन है, जिसमें Compressed Bio-Gas (CBG) को पारंपरिक Compressed Natural Gas (CNG) के साथ मिश्रित किया जाता है। CBG ऑर्गेनिक अपशिष्ट जैसे कृषि अवशेष, गोबर, फूड वेस्ट और म्यूनिसिपल वेस्ट से anaerobic digestion प्रक्रिया के माध्यम से उत्पादित होता है। इस प्रक्रिया में बैक्टीरिया अपशिष्ट को तोड़कर मीथेन गैस बनाते हैं, जिसे शुद्ध करके 95% से अधिक मीथेन कंटेंट वाला CBG तैयार किया जाता है। फिर इसे CNG के साथ ब्लेंड करके वाहनों और घरेलू उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह मिश्रण न केवल फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करता है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को 80% तक घटाता है, क्योंकि CBG एक रिन्यूएबल सोर्स से आता है। भारत में CBG उत्पादन मुख्य रूप से GOBARdhan योजना के तहत हो रहा है, जहां 500 नए वेस्ट-टू-वेल्थ प्लांट्स स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें 200 CBG प्लांट्स और 300 कम्युनिटी-बेस्ड यूनिट्स शामिल हैं।

बजट 2026 में क्या ऐलान हुआ? वित्त मंत्री ने बजट स्पीच में घोषणा की कि बायो-मिक्स CNG पर सेंट्रल excise duty की कैलकुलेशन में बायोगैस के पूरे वैल्यू को एक्सक्लूड किया जाएगा। इससे ब्लेंडेड CNG की लागत कम होगी, क्योंकि excise duty केवल प्राकृतिक गैस हिस्से पर लगेगी। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा ट्रांजिशन को बूस्ट देगा और डोमेस्टिक CBG उत्पादन को प्रोत्साहित करेगा। पहले से ही CBG पर excise duty से छूट थी, लेकिन अब ब्लेंडिंग के बाद भी टैक्स स्ट्रक्चर सरल होगा, जो इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। साथ ही, बजट में रिन्यूएबल एनर्जी के लिए अन्य सपोर्ट जैसे BESS मैन्युफैक्चरिंग के लिए कैपिटल गुड्स पर basic customs duty exemption और सोलर ग्लास प्रोडक्शन के लिए sodium antimonate पर duty छूट भी शामिल है, जो अप्रत्यक्ष रूप से CBG इकोसिस्टम को मजबूत करेगी।

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बायो-मिक्स CNG कैसे बनता है? उत्पादन प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप है: सबसे पहले ऑर्गेनिक वेस्ट को डाइजेस्टर में डाला जाता है, जहां 30-40 दिनों में बायोगैस बनती है। फिर CO2, H2S और अन्य अशुद्धियां हटाकर CBG तैयार होता है। इसे 250 बार प्रेशर पर कॉम्प्रेस करके CNG स्टेशंस पर पहुंचाया जाता है। ब्लेंडिंग में 1-5% से शुरू करके धीरे-धीरे 20% तक CBG मिलाया जा सकता है, बिना वाहनों के इंजन में बदलाव के। भारत में SATAT योजना के तहत OMCs जैसे IOCL, BPCL और HPCL CBG प्लांट्स से गैस खरीदते हैं, जो किसानों को अतिरिक्त आय देती है। उदाहरण के लिए, पंजाब और हरियाणा में स्टबल बर्निंग की समस्या से निपटने के लिए CBG प्लांट्स स्थापित हो रहे हैं, जहां एक टन स्टबल से 0.3 टन CBG बन सकता है।

अनिवार्य ब्लेंडिंग लक्ष्य और समयसीमा सरकार ने CBG ब्लेंडिंग ऑब्लिगेशन (CBO) लागू किया है, जो CNG और PNG में CBG मिश्रण को अनिवार्य बनाता है। नीचे टेबल में डिटेल्स:

वित्तीय वर्षब्लेंडिंग प्रतिशतस्टेटसअपेक्षित प्रभाव
FY 2024-251-3%स्वैच्छिकप्रोडक्शन टेस्टिंग और मार्केट बिल्ड-अप
FY 2025-265%अनिवार्यLNG आयात में 11.17 बिलियन USD बचत, 10 मिलियन टन CO2 रिडक्शन
FY 2026-2710%अनिवार्य5000 CBG प्लांट्स से 15 मिलियन टन अपशिष्ट प्रोसेसिंग
FY 2027-2815%अनिवार्यकिसानों को 20,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त आय
FY 2028-2920%अनिवार्यनेट-जीरो लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम

यह लक्ष्य City Gas Distribution (CGD) नेटवर्क को प्रभावित करेंगे, जहां OMCs को CBG खरीदना जरूरी होगा।

फायदे और प्रभाव

पर्यावरणीय लाभ: बायो-मिक्स CNG से PM2.5 और NOx उत्सर्जन 40-60% कम होता है, जो दिल्ली-NCR जैसे प्रदूषित इलाकों में एयर क्वालिटी सुधार सकता है। साथ ही, अपशिष्ट मैनेजमेंट से लैंडफिल गैस रिलीज रुकती है।

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आर्थिक फायदे: CBG उत्पादन से ग्रामीण रोजगार बढ़ेगा, जहां एक 4.8 TPD प्लांट 50-100 जॉब्स क्रिएट करता है। बजट छूट से CNG की कीमत 5-10 रुपये प्रति किलो कम हो सकती है, जो ऑटो-रिक्शा और बस ऑपरेटर्स के लिए बचत है।

किसानों के लिए अवसर: स्टबल, चावल की भूसी और पशु अपशिष्ट से CBG बनाकर किसान प्रति टन 500-700 रुपये कमा सकते हैं। उत्तर प्रदेश की Bioenergy Policy 2022 के तहत 1000 TPD CBG लक्ष्य है, जहां सब्सिडी Rs 75 लाख प्रति टन है।

ऊर्जा सुरक्षा: भारत 85% नेचुरल गैस आयात करता है; 5% ब्लेंडिंग से सालाना 1.5 मिलियन टन LNG बचत होगी, जो विदेशी मुद्रा बचाएगी।

चुनौतियां और समाधान: मुख्य समस्या फीडस्टॉक सप्लाई चेन है, जिसके लिए सरकार AIF के तहत 1 लाख करोड़ रुपये का फंड दे रही है। साथ ही, MNRE से CFA Rs 4 करोड़ प्रति 4.8 TPD तक है, जिसे इंडस्ट्री Rs 6 करोड़ तक बढ़ाने की मांग कर रही है।

वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाएं भारत में फिलहाल 100 से अधिक CBG प्लांट्स ऑपरेशनल हैं, जिनकी कुल क्षमता 500 TPD है। इंडियन बायोगैस एसोसिएशन के अनुसार, 2026 तक 1000 TPD लक्ष्य है, लेकिन बजट छूट से यह तेजी पकड़ेगा। प्रमुख कंपनियां जैसे Adani Total Gas और Torrent Gas CBG में निवेश कर रही हैं। दिल्ली में MCD नए बायोगैस प्लांट्स प्लान कर रही है, जहां डेयरी और सिटी वेस्ट से CBG बनेगा। भविष्य में, CBG को हाइड्रोजन प्रोडक्शन के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जो ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को सपोर्ट करेगा। स्टेट लेवल पर, हरियाणा PPP मॉडल में CBG प्लांट्स सेट कर रही है, जबकि पंजाब स्टबल मैनेजमेंट के लिए CBG को प्राथमिकता दे रहा है। कुल मिलाकर, यह ईंधन भारत की 2070 नेट-जीरो कमिटमेंट को मजबूत करेगा।

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प्रमुख बिंदु: बायो-मिक्स CNG अपनाने के टिप्स

वाहन मालिक: CNG व्हीकल्स में ब्लेंडेड फ्यूल इस्तेमाल करें, कोई मॉडिफिकेशन जरूरी नहीं।

निवेशक: SATAT के तहत प्लांट सेटअप के लिए CFA और CSR फंड्स का लाभ लें।

लोकल बॉडीज: म्यूनिसिपल वेस्ट से CBG प्लांट्स बनाकर रेवेन्यू जनरेट करें।

किसान: लोकल CBG यूनिट्स से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करें, जहां अपशिष्ट बेचकर आय बढ़ाएं।

Disclaimer: यह लेख समाचार, रिपोर्ट और टिप्स पर आधारित है। स्रोतों की विश्वसनीयता की जांच करें और पेशेवर सलाह लें।

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