“2025 में ग्लोबल लग्जरी कार मार्केट में BMW ने Mercedes-Benz और Audi को पछाड़कर नंबर-1 पोजिशन हासिल की, जहां BMW ग्रुप की कुल सेल्स 24.63 लाख यूनिट्स रही जबकि Mercedes की 21.6 लाख और Audi की 16.23 लाख यूनिट्स। चीन, अमेरिका और यूरोप में चुनौतियों के बावजूद BMW की Mini ब्रांड में 17.7% ग्रोथ दर्ज हुई, जबकि भारत में Audi की सेल्स 22.46% गिरी।”
लग्जरी कार सेगमेंट में BMW ने 2025 को अपने नाम कर लिया, जहां富裕 वर्ग के खरीदारों की पहली पसंद बनकर यह Mercedes-Benz और Audi से आगे निकल गई। ग्लोबल मार्केट में तीनों जर्मन ब्रांड्स का कुल 80% शेयर है, लेकिन BMW की रणनीति ने इसे मजबूत बनाया। जहां Mercedes की सेल्स में 10% की गिरावट आई, वहीं Audi को 2.9% का नुकसान हुआ। BMW ग्रुप ने कुल 24,63,715 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल से 0.5% ज्यादा है।
BMW की सफलता का राज इसकी डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में छिपा है। BMW ब्रांड ने अकेले 21,69,761 यूनिट्स बेचीं, भले ही इसमें 1.4% की मामूली गिरावट हो, लेकिन Mini ब्रांड ने 2,88,290 यूनिट्स के साथ 17.7% की जबरदस्त ग्रोथ दिखाई। Rolls-Royce ने 5,664 यूनिट्स बेचीं, जो लगभग स्थिर रही। इसके मुकाबले Mercedes की पैसेंजर कार सेल्स 18,00,800 यूनिट्स पर पहुंची, जो 9% कम है। Audi ने 16,23,551 यूनिट्स बेचीं, जिसमें चीन जैसे बड़े मार्केट में 5% की गिरावट शामिल है।
प्रमुख बाजारों में प्रदर्शन
ग्लोबल चुनौतियां जैसे अमेरिका में EV टैक्स क्रेडिट का खत्म होना, हाई टैरिफ और लोकल मैन्युफैक्चरिंग का दबाव सभी ब्रांड्स पर पड़ा, लेकिन BMW ने इसे बेहतर तरीके से हैंडल किया।
अमेरिका : BMW और Mini की कम्बाइंड सेल्स 4,17,638 यूनिट्स रही, जो 5% ऊपर है, जबकि चौथी तिमाही में 4.6% गिरावट आई। Mercedes को यहां 12% नुकसान हुआ (2,84,600 यूनिट्स), और Audi की नॉर्थ अमेरिका सेल्स 12.2% गिरी (2,02,143 यूनिट्स)।
चीन : BMW की सेल्स में स्थिरता रही, जबकि Mercedes को 19% की बड़ी गिरावट (5,51,900 यूनिट्स) और Audi को 5% नुकसान (6,17,514 यूनिट्स)।
यूरोप : Mercedes की सेल्स 6,34,600 यूनिट्स पर पहुंची, जो 1% कम है। Audi की जर्मनी में 4% ग्रोथ (2,06,290 यूनिट्स) हुई, लेकिन कुल मिलाकर नुकसान।
भारत : BMW की कार, Mini और बाइक्स की कम्बाइंड सेल्स में सिर्फ 0.75% गिरावट आई, जबकि Mercedes को 2.85% और Audi को 22.46% का भारी नुकसान (4,510 यूनिट्स)। भारतीय富裕 वर्ग में BMW की मॉडल्स जैसे 7 सीरीज और X7 की डिमांड बढ़ी, जहां प्रीमियम फीचर्स और परफॉर्मेंस ने Mercedes E-Class और Audi A8 को पीछे छोड़ा।
सेल्स फिगर्स की तुलना (तालिका)
| ब्रांड | कुल ग्लोबल सेल्स (2025) | बदलाव (%) | प्रमुख ब्रेकडाउन |
|---|---|---|---|
| BMW ग्रुप | 24,63,715 यूनिट्स | +0.5 | BMW: 21,69,761 (-1.4%), Mini: 2,88,290 (+17.7%), Rolls-Royce: 5,664 (-0.8%) |
| Mercedes-Benz | 21,60,000 यूनिट्स | -10 | पैसेंजर कार्स: 18,00,800 (-9%), चीन: 5,51,900 (-19%), अमेरिका: 2,84,600 (-12%) |
| Audi | 16,23,551 यूनिट्स | -2.9 | चीन: 6,17,514 (-5%), नॉर्थ अमेरिका: 2,02,143 (-12.2%), जर्मनी: 2,06,290 (+4%) |
इस तालिका से साफ है कि BMW की बैलेंस्ड अप्रोच ने इसे नंबर-1 बनाया, जहां Mini जैसे सब-ब्रांड्स ने ग्रोथ दी।富裕 खरीदार BMW की इनोवेटिव टेक्नोलॉजी जैसे iDrive सिस्टम, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस और सस्टेनेबल EV ऑप्शन्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो Mercedes के ट्रेडिशनल लग्जरी और Audi के स्पोर्टी अपील से आगे निकल गए।
BMW की मजबूत मॉडल्स जो富裕 वर्ग को लुभा रही हैं
BMW 7 सीरीज : फ्लैगशिप सेडान में थिएटर मोड, 31-इंच रियर स्क्रीन और लेवल-3 ऑटोनॉमस ड्राइविंग, जो Mercedes S-Class से ज्यादा एडवांस्ड।富裕 लोग इसे स्टेटस सिंबल मानते हैं।
BMW X7 : फुल-साइज SUV में 3-रो सीटिंग, पैनोरमिक सनरूफ और पावरफुल इंजन, जो Audi Q8 और Mercedes GLS को सेल्स में पीछे छोड़ रही।
BMW iX : EV सेगमेंट में 600km रेंज और फास्ट चार्जिंग, जहां अमेरिका के EV सब्सिडी खत्म होने के बावजूद डिमांड बनी रही।
Mini Cooper SE : कॉम्पैक्ट EV जो युवा富裕 खरीदारों को आकर्षित कर रही, जिसने Mini की ग्रोथ में बड़ा रोल प्ले किया।
भारतीय मार्केट में BMW की लोकल असेंबली ने कीमतों को कंट्रोल किया, जहां X3 और 3 सीरीज जैसे मॉडल्स की डिमांड बढ़ी। जहां Mercedes की EQS SUV को चुनौतियां मिलीं, वहीं BMW की i7 ने EV लग्जरी में लीड ली। Audi की A4 और Q5 मॉडल्स में इनोवेशन की कमी ने सेल्स को प्रभावित किया।
चुनौतियां और आगे की रणनीति
मार्केट में EV ट्रांजिशन, सप्लाई चेन इश्यूज और जियोपॉलिटिकल टेंशन्स ने सभी को प्रभावित किया, लेकिन BMW की R&D इन्वेस्टमेंट ने इसे मजबूत रखा। कंपनी ने Neue Klasse प्लेटफॉर्म पर फोकस किया, जो फ्यूचर EV मॉडल्स के लिए तैयार है।富裕 खरीदार अब सस्टेनेबिलिटी और टेक को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहां BMW की हाइब्रिड ऑप्शन्स Mercedes के प्योर ICE मॉडल्स से बेहतर साबित हो रही। भारत में BMW की डीलर नेटवर्क विस्तार ने सेल्स को सपोर्ट किया, जबकि Audi की गिरावट ने इसे अवसर दिया।
कुल मिलाकर, BMW की यह जीत富裕 वर्ग के बदलते टेस्ट को दर्शाती है, जहां परफॉर्मेंस, लग्जरी और इनोवेशन का कॉम्बिनेशन Mercedes और Audi को फेल कर रहा है।
Disclaimer: यह रिपोर्ट विभिन्न समाचार स्रोतों और बाजार विश्लेषणों पर आधारित है, जिसमें तथ्यात्मक जानकारी शामिल है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि निवेश या खरीदारी से पहले स्वतंत्र सत्यापन करें।