आज 5 फरवरी 2026 को MCX पर चांदी के मार्च अनुबंध में 10% से ज्यादा की गिरावट आई, ₹26,850 प्रति किलो तक का धक्का लगा और भाव ₹2,42,000 प्रति किलो पर आ गया। कॉमेक्स पर भी 13% तक की गिरावट दर्ज हुई, जो पिछले रिकॉर्ड ऊंचाई से भारी प्रॉफिट बुकिंग, मजबूत डॉलर और फेड की सतर्कता का नतीजा है। पिछले एक साल में 150% से ज्यादा चढ़ी चांदी अब भारी सुधार झेल रही है।
चांदी की कीमतों में भारी उथल-पुथल: विस्तृत विश्लेषण
आज सुबह MCX पर चांदी के मार्च डिलीवरी अनुबंध ने दिन की शुरुआत ₹2,68,850 प्रति किलो से की, लेकिन कुछ घंटों में ही ₹26,850 की गिरावट के साथ ₹2,42,000 पर पहुंच गया। इंट्राडे लो ₹2,39,000 तक गया। कॉमेक्स पर स्पॉट सिल्वर $75.55 प्रति औंस पर आया, जो इंट्राडे में $73.38 तक गिरा – कुल 13% से ज्यादा का नुकसान।
2025 में चांदी ने जबरदस्त रैली की थी। जनवरी 2025 में MCX पर भाव ₹90,000-95,000 प्रति किलो के आसपास था, दिसंबर 2025 तक ₹2,32,000 तक पहुंच गया और जनवरी 2026 में ₹4,04,500 तक का रिकॉर्ड बनाया। कुल मिलाकर 150% से ज्यादा का उछाल। लेकिन अब पिछले 7-10 दिनों में ही ₹1.3 लाख से ₹1.6 लाख प्रति किलो तक की कुल गिरावट आ चुकी है।
गिरावट के मुख्य कारण
भारी प्रॉफिट बुकिंग : पिछले 18 महीनों में स्पेकुलेटिव खरीदारी ने कीमतों को पैराबोलिक बना दिया था। जब भाव $120/औंस के ऊपर गए, तो बड़े खिलाड़ी और रिटेल निवेशक दोनों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया।
मजबूत अमेरिकी डॉलर : फेड के हॉकिश संकेतों और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से डॉलर इंडेक्स ऊपर चढ़ा। डॉलर में मजबूती कीमतों को दबाती है।
फेड की सतर्क नीति : बाजार अब उम्मीद कर रहा है कि 2026 में ब्याज दरें जल्दी नहीं घटेंगी, जिससे सुरक्षित निवेशों में रुचि कम हुई।
जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी : ईरान-इजराइल, यूक्रेन-रूस समेत कई मोर्चों पर तनाव कम होने से सेफ-हेवन डिमांड घटी।
इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी : सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV सेक्टर में हाई प्राइस पर डिमांड कमजोर पड़ी। चीन में सोलर मैन्युफैक्चरर्स अब अल्टरनेटिव मटेरियल्स की तलाश में हैं।
भारतीय बाजार पर असर
स्पॉट मार्केट में चांदी आज दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में ₹2,50,000-₹2,70,000 प्रति किलो के बीच ट्रेड कर रही है (पिछले दिन ₹2,98,000 तक थी)। ज्वैलर्स को राहत मिल रही है क्योंकि मेकिंग चार्जेस समेत कीमतें घटने से डिमांड बढ़ सकती है। लेकिन जो निवेशक जनवरी में ₹3.5-4 लाख के भाव पर खरीदे थे, उन्हें 30-40% का पेपर लॉस हो रहा है। सिल्वर ETF में भी 15-20% तक गिरावट आई है।
हालिया MCX चांदी कीमतें (मार्च अनुबंध)
प्रमुख शहरों में आज के स्पॉट रेट (लगभग, टैक्स सहित)
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है
| तारीख | भाव (₹/किलो) | बदलाव (₹) | % बदलाव |
|---|---|---|---|
| 4 फरवरी | 2,68,850 | – | – |
| 5 फरवरी | 2,42,000 | -26,850 | -10% |
| इंट्राडे लो | 2,39,000 | – | – |
| शहर | प्रति किलो (₹) | 10 ग्राम (₹) | |
| दिल्ली | 2,55,000 | 2,550 | |
| मुंबई | 2,52,000 | 2,520 | |
| चेन्नई | 2,58,000 | 2,580 | |
| कोलकाता | 2,53,000 | 2,530 | |
| बेंगलुरु | 2,54,000 | 2,540 |
जो लोग लॉन्ग टर्म में चांदी रखना चाहते हैं, उनके लिए यह सुधार खरीदारी का मौका बन सकता है।
लेकिन शॉर्ट टर्म में और गिरावट की आशंका बनी हुई है, क्योंकि $70-75/औंस का स्तर टेस्ट हो सकता है।
सोलर और EV सेक्टर की लॉन्ग टर्म डिमांड अभी भी मजबूत है, इसलिए $80 के नीचे का स्तर आकर्षक हो सकता है।
डिस्क्लेमर यह समाचार रिपोर्ट बाजार की वर्तमान स्थितियों और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। यह निवेश सलाह नहीं है। कीमतें बदलती रहती हैं, निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और विशेषज्ञ सलाह जरूर लें।