दिल्ली-NCR समेत इन 8 शहरों में घरों के दाम चढ़े, बेंगलुरु में सबसे ज्यादा 13% की उछाल; रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

2025 में भारत के टॉप 8 शहरों में औसत घरेलू संपत्ति कीमतें सिर्फ 6% बढ़ीं, जो 2024 के 17% से काफी कम है। बेंगलुरु में 13% की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि दिल्ली-NCR में 6% की मॉडरेट ग्रोथ रही। हैदराबाद 8%, अहमदाबाद 8% के साथ मजबूत रहे, लेकिन पुणे में सिर्फ 1% और चेन्नई में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। मुंबई MMR में 4% और कोलकाता में 6% की बढ़ोतरी हुई। बेंगलुरु अब दिल्ली-NCR से महंगा हो गया है, जहां Q4 2025 में औसत कीमत ₹9,500 प्रति sq ft पहुंच गई।

भारत के प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट मार्केट 2025 में स्थिरीकरण की ओर बढ़ा है। पोस्ट-पैंडेमिक तेजी के बाद अब मांग सामान्य हो रही है और डेवलपर्स कीमतों को स्थिर रखने पर फोकस कर रहे हैं। PropTiger की Real Insight – Residential CY 2025 रिपोर्ट के अनुसार, टॉप 8 शहरों में औसत सालाना मूल्य वृद्धि 6% पर आ गई, जो पिछले साल 17% थी।

बेंगलुरु ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया, जहां औसत घरेलू कीमतों में 13% की बढ़ोतरी हुई। यह 2024 के 12% से भी ज्यादा है। शहर में Q1 से Q4 तक 21% की तेज उछाल आई, जिससे Q4 2025 में औसत कीमत ₹9,500 प्रति sq ft पहुंच गई। इससे बेंगलुरु दिल्ली-NCR (₹9,167 प्रति sq ft) को पीछे छोड़कर मुंबई MMR (₹14,000 प्रति sq ft) के बाद दूसरा सबसे महंगा बाजार बन गया। आईटी सेक्टर की मजबूत मांग और एंड-यूजर खरीदारी ने इस ग्रोथ को सपोर्ट किया।

दिल्ली-NCR में कीमतें 6% बढ़ीं, जो 2024 के 49% की भारी उछाल के बाद काफी मॉडरेट है। यहां औसत कीमत ₹8,570 प्रति sq ft तक पहुंची। मांग में नरमी और सप्लाई में संतुलन के कारण ग्रोथ धीमी पड़ी। हालांकि, गुरुग्राम और नोएडा जैसे इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से चुनिंदा डिमांड बनी रही।

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हैदराबाद में 8% की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो 2024 के 3% से काफी बेहतर है। एंड-यूजर डिमांड और आईटी हब की वजह से यहां स्थिर ग्रोथ देखी गई।

अहमदाबाद में 8% की वृद्धि हुई, जबकि 2024 में यह 10% थी। शहर में मिड-सेगमेंट डिमांड मजबूत रही।

मुंबई MMR में ग्रोथ सिर्फ 4% रही, जो 2024 के 18% से कम है। लैंड की कमी और हाई प्राइसिंग के बावजूद प्रीमियम सेगमेंट में डिमांड बनी।

पुणे में कीमतें महज 1% बढ़ीं। यहां 2024 की 16% ग्रोथ के बाद मांग सामान्य हुई और डेवलपर्स ने कीमतें स्थिर रखीं।

कोलकाता में 6% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले साल के 10% से कम है। चुनिंदा इलाकों में डिमांड रही।

चेन्नई में कीमतें फ्लैट रहीं, जबकि 2024 में 16% की बढ़ोतरी थी। यहां सप्लाई और डिमांड में बैलेंस बना रहा।

शहर-वार औसत मूल्य वृद्धि (2025 में %)

बेंगलुरु: 13%

हैदराबाद: 8%

अहमदाबाद: 8%

दिल्ली-NCR: 6%

कोलकाता: 6%

मुंबई MMR: 4%

पुणे: 1%

चेन्नई: 0%

कुल मिलाकर, 2025 में बाजार ने नॉर्मलाइजेशन फेज में एंट्री की। सेल्स वॉल्यूम में गिरावट आई, लेकिन वैल्यू में स्थिरता रही। प्रीमियम और हाई-एंड होम्स की डिमांड बढ़ी, जबकि अफोर्डेबल सेगमेंट में हिस्सेदारी घटी। डेवलपर्स ने इन्वेंटरी मैनेजमेंट पर फोकस किया, जिससे कीमतें ज्यादा नहीं गिरीं।

2026 में ग्रोथ 6-8% के आसपास रहने की उम्मीद है, जहां इंटरेस्ट रेट कट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर से मिड-सेगमेंट खरीदार वापस आएंगे। एंड-यूजर फोकस्ड मार्केट में बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर आगे रहेंगे।

Disclaimer: यह लेख समाचार और रिपोर्ट आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।

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