“निसान ग्रेवाइट और रेनॉल्ट ट्राइबर दोनों ही भारत में सबसे किफायती 7-सीटर विकल्प हैं। ग्रेवाइट नई लॉन्च MPV है जो ट्राइबर पर आधारित है लेकिन अलग स्टाइलिंग, फीचर्स और ब्रांड वैल्यू के साथ आती है। कीमत में ग्रेवाइट थोड़ी सस्ती शुरू होती है, जबकि ट्राइबर ज्यादा परिपक्व मार्केट प्रेजेंस और सर्विस नेटवर्क देता है। फैमिली यूज के लिए स्पेस, सीटिंग और वैल्यू फॉर मनी में दोनों करीबी मुकाबला करते हैं, लेकिन आपकी प्राथमिकता पर निर्भर करता है कि कौन बेहतर डील साबित होगी।”
निसान ग्रेवाइट Vs रेनॉल्ट ट्राइबर: डिटेल्ड तुलना
देश में बढ़ती फैमिली जरूरतों और हाई फ्यूल प्राइस के बीच सबसे सस्ती 7-सीटर कार चुनना बड़ा फैसला है। निसान ने हाल ही में ग्रेवाइट लॉन्च की है, जो रेनॉल्ट ट्राइबर का रीबैज्ड वर्जन है लेकिन अलग लुक, कुछ एक्स्ट्रा फीचर्स और निसान ब्रांडिंग के साथ आती है। दोनों कारें 1.0-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन पर चलती हैं, 7 सीटिंग ऑफर करती हैं और बजट फैमिली MPV सेगमेंट में सीधी टक्कर लेती हैं। आइए इनकी तुलना हर पैमाने पर करें ताकि आप सही चॉइस कर सकें।
कीमत और वैरिएंट्स
ग्रेवाइट की शुरुआती कीमत थोड़ी कम रखी गई है, जो इसे तुरंत आकर्षक बनाती है।
निसान ग्रेवाइट : एक्स-शोरूम शुरूआत ₹5.65 लाख से (Visia बेस वैरिएंट)। टॉप वैरिएंट्स ₹7.80 लाख से ₹8.49 लाख तक (N-Connecta AMT, Tekna AMT)।
रेनॉल्ट ट्राइबर : एक्स-शोरूम शुरूआत ₹5.76 लाख से (Authentic)। टॉप वैरिएंट ₹8.60 लाख तक (Emotion AMT Dual Tone)।
ग्रेवाइट बेस में ही बेहतर वैल्यू देती नजर आती है, खासकर अगर आप लोअर वैरिएंट चुन रहे हैं। दोनों में CNG ऑप्शन भी उपलब्ध है, जो शहर में रनिंग कॉस्ट कम करता है।
डिजाइन और बिल्ड
ग्रेवाइट में निसान का नया फ्रंट फेसिया है – बड़ा क्रोम ग्रिल, अलग LED हेडलैंप्स और मॉडर्न SUV जैसा लुक। ट्राइबर का डिजाइन ज्यादा सिंपल और क्लासिक MUV स्टाइल का है।
ग्रेवाइट की लंबाई, चौड़ाई और हाइट में थोड़ा SUV फील आता है, जबकि ट्राइबर ज्यादा कॉम्पैक्ट MUV जैसी लगती है।
दोनों की ग्राउंड क्लीयरेंस अच्छी है (ट्राइबर थोड़ी बेहतर इंडियन रोड्स के लिए)।
ग्रेवाइट में रूफ रेल्स और नए अलॉय व्हील्स से प्रीमियम लुक मिलता है।
इंजन और परफॉर्मेंस
दोनों में एक ही 999 cc 3-सिलेंडर NA पेट्रोल इंजन है।
पावर: 72 PS @ 6250 rpm
टॉर्क: 96 Nm @ 3500 rpm
ट्रांसमिशन: 5-स्पीड MT और AMT ऑप्शन
माइलेज: ग्रेवाइट में 18-20 kmpl (क्लेम्ड), ट्राइबर में 17-20 kmpl
शहर में दोनों की परफॉर्मेंस औसत है, लेकिन हाईवे पर ट्राइबर का पावर-टू-वेट रेशियो थोड़ा बेहतर महसूस होता है। CNG में दोनों की रनिंग कॉस्ट ₹2-3/km के आसपास आती है।
सीटिंग और स्पेस
यहां ट्राइबर और ग्रेवाइट दोनों 7-सीटर हैं, लेकिन थर्ड रो में स्पेस लिमिटेड है – बच्चों या छोटे ट्रिप्स के लिए ठीक।
दूसरी रो : दोनों में स्लाइडिंग, रिक्लाइनिंग और टंबल फंक्शन। ट्राइबर में ज्यादा लेग रूम और एंट्री आसान।
थर्ड रो : ट्राइबर में थोड़ा बेहतर एक्सेस और हेडरूम, लेकिन दोनों में एडल्ट्स के लिए लंबी ट्रिप्स मुश्किल।
बूट स्पेस : 5-सीटर मोड में ट्राइबर 625 लीटर तक देता है (थर्ड रो फोल्ड करके), ग्रेवाइट भी समान। थर्ड रो यूज में दोनों में 84-100 लीटर के आसपास।
फैमिली के लिए ट्राइबर थोड़ा ज्यादा प्रैक्टिकल साबित होता है।
फीचर्स की तुलना
| पैरामीटर | निसान ग्रेवाइट | रेनॉल्ट ट्राइबर |
|---|---|---|
| टचस्क्रीन | 8-इंच (मिड वैरिएंट्स से) | 8-इंच (Evolution से) |
| एंड्रॉयड ऑटो/एप्पल कारप्ले | वायर्ड/वायरलेस | वायर्ड |
| एयरबैग्स | 6 (स्टैंडर्ड कई वैरिएंट्स में) | 6 (कई वैरिएंट्स में) |
| ESP, हिल स्टार्ट असिस्ट | उपलब्ध | उपलब्ध |
| रियर AC वेंट्स | 2nd और 3rd रो | 2nd और 3rd रो |
| क्रूज कंट्रोल | टॉप वैरिएंट में | Emotion में |
| पार्किंग सेंसर्स/कैमरा | रियर कैमरा उपलब्ध | रियर कैमरा उपलब्ध |
ग्रेवाइट में कुछ वैरिएंट्स में बेहतर इंटीरियर क्वालिटी और नए कलर स्कीम मिलते हैं।
सेफ्टी
दोनों में 6 एयरबैग्स, ABS, EBD, ESP जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड या हायर वैरिएंट्स में हैं। ग्रेवाइट में निसान की ग्लोबल सेफ्टी रेपुटेशन से थोड़ा एज मिल सकता है।
कौन बेहतर पैसा वसूल?
अगर बजट टाइट है और नया लुक चाहिए : ग्रेवाइट चुनें – कम कीमत, फ्रेश डिजाइन, निसान सर्विस।
अगर ज्यादा प्रैक्टिकल स्पेस और मार्केट ट्रस्ट चाहिए : ट्राइबर बेहतर – ज्यादा बिक्री, बेहतर रीसेल (ट्राइबर की सेल्स 2000+ यूनिट/महीना), परफेक्ट फैमिली MPV।
दोनों की सर्विस कॉस्ट कम है, लेकिन रेनॉल्ट का नेटवर्क ज्यादा मजबूत है।
अंत में, दोनों कारें वैल्यू फॉर मनी हैं। अपनी फैमिली साइज, यूज पैटर्न और टेस्ट ड्राइव के आधार पर डिसाइड करें – क्योंकि छोटी सी गलती सालों की पछतावा बन सकती है।
Disclaimer: यह आर्टिकल उपलब्ध जानकारी, स्पेसिफिकेशन्स और मार्केट ट्रेंड्स पर आधारित है। वास्तविक खरीद से पहले डीलर से लेटेस्ट ऑफर्स, ऑन-रोड प्राइस और टेस्ट ड्राइव जरूर लें।