“AI disruption के शुरुआती डर के बाद बाजार में राहत की लहर, Anthropic के नए पार्टनरशिप और एंटरप्राइज फोकस से IT स्टॉक्स में तेजी आई है। भारतीय IT सेक्टर अब AI को अवसर के रूप में देख रहा है, जहां Nifty IT में हालिया रिकवरी देखी गई है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में कंपनियां AI इंटीग्रेशन पर फोकस बढ़ा रही हैं।”
पिछले कुछ हफ्तों में AI टूल्स के लॉन्च से सॉफ्टवेयर और IT सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई थी, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। Anthropic की हालिया एंटरप्राइज ब्रिफिंग और पार्टनरशिप अनाउंसमेंट्स ने निवेशकों को राहत दी है। कंपनी ने Claude के नए प्लग-इन्स और को-ऑपरेटिव अप्रोच पर जोर दिया, जिससे साफ हुआ कि AI टूल्स पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों को रिप्लेस करने के बजाय उनके साथ इंटीग्रेट होकर काम करेंगे।
इसके परिणामस्वरूप ग्लोबल सॉफ्टवेयर स्टॉक्स में रिलीफ रैली आई। Salesforce के शेयर 4% तक चढ़े, जबकि DocuSign और अन्य पार्टनर कंपनियों में 2-5% की बढ़त दर्ज की गई। Anthropic ने इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, HR, वेल्थ मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में टूल्स डेवलप करने की बात कही, जो मौजूदा प्लेटफॉर्म्स को सपोर्ट करते हैं।
भारतीय IT सेक्टर पर भी इसका पॉजिटिव असर पड़ा। फरवरी 2026 में Nifty IT इंडेक्स में शुरुआती गिरावट के बाद हालिया सेशन में 1.5-2% तक की रिकवरी देखी गई। Infosys-Anthropic की हालिया कोलैबोरेशन, जो टेलीकॉम, फाइनेंशियल सर्विसेज और अन्य रेगुलेटेड इंडस्ट्रीज में AI एजेंट्स बनाने पर फोकस्ड है, ने सेक्टर को बूस्ट दिया। Infosys Topaz और Claude मॉडल्स के कॉम्बिनेशन से कॉम्प्लेक्स वर्कफ्लो ऑटोमेट हो रहे हैं, जिससे क्लाइंट्स के लिए वैल्यू बढ़ रही है।
Anthropic की फंडिंग और वैल्यूएशन भी सेक्टर की स्ट्रेंथ दिखा रही है। कंपनी ने Series G में $30 बिलियन रेज किए, पोस्ट-मनी वैल्यूएशन $380 बिलियन पहुंच गई। यह फंडिंग फ्रंटियर रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपैंशन के लिए है, जो एंटरप्राइज AI में लीडरशिप मजबूत कर रही है। भारत में Anthropic का नया बेंगलुरु ऑफिस और पार्टनरशिप्स लोकल एडॉप्शन बढ़ा रहे हैं।
सेक्टर में प्रमुख बदलाव और आंकड़े
Nifty IT इंडेक्स फरवरी में शुरुआत में 21% तक गिरा था (AI डिसरप्शन फियर्स से), लेकिन हालिया दिनों में 1-2% डेली रिकवरी के साथ स्टेबलाइज हो रहा है।
Infosys, TCS और Wipro जैसे स्टॉक्स में 16-27% की गिरावट के बाद अब खरीदारी का ट्रेंड दिख रहा है।
ग्लोबल सॉफ्टवेयर इंडेक्स में भी 23-27% की गिरावट के बाद रिबाउंड, Anthropic के पार्टनरशिप्स से।
भारतीय IT फर्म्स AI को थ्रेट से अवसर में बदल रही हैं: AI-इनेबल्ड डिलीवरी मॉडल्स, वर्कफोर्स अपस्किलिंग और आउटकम-बेस्ड सर्विसेज पर फोकस।
अब आगे क्या?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI डिसरप्शन का असर लॉन्ग-टर्म है, न कि इमीडिएट। भारतीय IT कंपनियां क्लाइंट्स के साथ AI इंटीग्रेशन बढ़ाकर ग्रोथ रिकवर कर सकती हैं। Infosys जैसी पार्टनरशिप्स से एजेंटिक AI सॉल्यूशंस बनेगा, जो रेगुलेटेड इंडस्ट्रीज में एडवांटेज देगा। हालांकि, क्लाइंट स्पेंडिंग कैशियस रह सकती है, इसलिए मार्जिन प्रेशर जारी रह सकता है।
इन्वेस्टर्स को AI एडॉप्शन ट्रैक करना चाहिए। अगर Anthropic और अन्य AI लीडर्स एंटरप्राइज कोऑपरेशन बढ़ाते रहे, तो IT सेक्टर में सस्टेनेबल रैली संभव है। सेक्टर अब AI वैल्यू चेन का हिस्सा बन रहा है, जहां डिसरप्शन से ज्यादा को-क्रिएशन पर फोकस है।
Disclaimer: यह एक न्यूज रिपोर्ट है जो मार्केट ट्रेंड्स और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।