8th Pay Commission के 18 सवालों पर कर्मचारी संगठनों में बवाल: सैलरी, इंक्रीमेंट, फैमिली यूनिट से OPS तक क्या-क्या मांगें रखी गईं?

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के संगठनों ने 8th Pay Commission के 18 सवालों पर जवाब तैयार करने के लिए दिल्ली में बैठक की। फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 करने, न्यूनतम 5 प्रमोशन, 7% एनुअल इंक्रीमेंट, 3.25 फिटमेंट फैक्टर और OPS की बहाली जैसी प्रमुख मांगें उठीं, जो सैलरी में 66% तक की बढ़ोतरी का आधार बन सकती हैं।

8th Pay Commission के 18 सवालों पर कर्मचारी संगठनों में हलचल

8th Central Pay Commission की आधिकारिक वेबसाइट पर रखे गए 18 सवालों पर स्टेकहोल्डर्स से जवाब मांगे गए हैं, जिसके जवाब तैयार करने को लेकर National Council (Staff Side) – Joint Consultative Machinery (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमिटी ने 25 फरवरी 2026 को दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में कर्मचारी फेडरेशनों ने एक साझा मेमोरेंडम तैयार करने पर फोकस किया, जिसमें सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन और अलाउंस से जुड़े कई अहम सुझाव शामिल हैं।

बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा फैमिली यूनिट बढ़ाने की रही। वर्तमान में Aykroyd फॉर्मूला के तहत न्यूनतम सैलरी कैलकुलेशन के लिए फैमिली यूनिट 3 सदस्यों (पति/पत्नी + 2 बच्चे) पर आधारित है। कर्मचारी संगठन इसे 5 सदस्यों (पति/पत्नी + 2 बच्चे + माता-पिता) तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यदि यह प्रस्ताव मान लिया जाता है तो न्यूनतम बेसिक पे में (5÷3) = 1.66 गुना यानी करीब 66% की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे न्यूनतम पे ₹18,000 से बढ़कर ₹54,000 या उससे अधिक तक जा सकता है, और फिटमेंट फैक्टर भी प्रभावित होगा।

फिटमेंट फैक्टर पर भी जोरदार बहस हुई। 7th Pay Commission में यह 2.57 था, लेकिन अब यूनियंस 3.00 से 3.25 तक की मांग कर रही हैं। कुछ फेडरेशन मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दे रहे हैं:

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लेवल 1 से 5: 3.00

लेवल 6 से 12: 3.05 से 3.10

लेवल 13 से 15: 3.05 से 3.15

लेवल 16 से 18: 3.25 तक

इससे निचले लेवल के कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिलेगा और इन्फ्लेशन के असर को बेहतर तरीके से कवर किया जा सकेगा।

एनुअल इंक्रीमेंट पर भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। फिलहाल यह 3% है, लेकिन यूनियंस इसे 7% करने या बायएनुअल इंक्रीमेंट देने की मांग कर रही हैं। FNPO जैसी संस्थाएं कम से कम 5% इंक्रीमेंट की बात कर रही हैं। इससे कर्मचारियों की लॉन्ग-टर्म सैलरी ग्रोथ तेज होगी।

प्रमोशन पॉलिसी में गारंटीड कम से कम 5 प्रमोशन की मांग प्रमुख है। 30 साल की सर्विस में टाइम-स्केल बेसिस पर यह सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है ताकि कैरियर स्टग्नेशन न हो।

पेंशन को लेकर सबसे संवेदनशील मुद्दा Old Pension Scheme (OPS) की बहाली है। कर्मचारी संगठन National Pension System (NPS) और Unified Pension Scheme (UPS) को खत्म कर OPS बहाल करने की पुरानी मांग दोहरा रहे हैं। उनका तर्क है कि डिफाइंड बेनिफिट पेंशन रिटायरमेंट के बाद बेहतर सिक्योरिटी देता है। साथ ही पेंशनर्स के लिए भी वही फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग है, ताकि 68 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को समान लाभ मिले।

अन्य प्रमुख सुझाव:

रिटायरमेंट पर लीव एनकैशमेंट 300 दिनों से बढ़ाकर 400 दिन

CGHS कवर वाले शहरों में फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस ₹1,000 से ₹20,000 मासिक

नॉन-CGHS शहरों में इंटरनेट जैसी जरूरी सर्विसेज के लिए 10% अतिरिक्त अलाउंस

LTC को कैश ऑप्शन में बदलने की सुविधा

ये सभी सुझाव 8th Pay Commission की चेयरपर्सन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपे जाने वाले मास्टर मेमोरेंडम में शामिल किए जा रहे हैं। कमिशन ने MyGov पोर्टल पर 16 मार्च 2026 तक पब्लिक फीडबैक भी मांगा है।

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कर्मचारी संगठनों का मानना है कि ये बदलाव महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत और फैमिली रिस्पॉन्सिबिलिटी को देखते हुए जरूरी हैं। यदि प्रमुख मांगें मान ली जाती हैं तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी-पेंशन में बड़ा उछाल आ सकता है।

Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और कर्मचारी संगठनों के सुझावों पर आधारित है। अंतिम फैसला 8th Pay Commission की सिफारिशों और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा।

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