मिडिल क्लास परिवारों की बढ़ती क्रय शक्ति और जीएसटी 2.0 जैसे सुधारों से कार बाजार में क्रांति आई है। मारुति सुजुकी की नेक्सा चैनल ने वित्त वर्ष 2025 में 5.4 लाख से अधिक प्रीमियम कारें बेचीं, जो कम कीमत में लग्जरी फीचर्स वाली एसयूवी और हैचबैक पसंद करने वाले मध्यम वर्ग के लिए आकर्षक साबित हुईं। नेक्सा ने 200वें स्टूडियो आउटलेट के साथ ग्रामीण और छोटे शहरों तक पहुंच बढ़ाई, जहां डिमांड अब थम नहीं रही।
मिडिल क्लास की पसंद बनी नेक्सा की प्रीमियम कारें
भारतीय कार बाजार में मिडिल क्लास अब साधारण हैचबैक से आगे बढ़कर प्रीमियम सेगमेंट की ओर रुख कर रहा है। मारुति सुजुकी की नेक्सा ब्रांड ने वित्त वर्ष 2025 में कुल 5.4 लाख से अधिक यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो मुख्य रूप से मध्यम वर्गीय परिवारों की खरीदारी से संभव हुई। यह आंकड़ा कंपनी के प्रीमियम चैनल नेक्सा के लिए मील का पत्थर है, जहां ग्राहक 8-15 लाख रुपये की रेंज में लग्जरी जैसा अनुभव पा रहे हैं।
नेक्सा पोर्टफोलियो में Fronx, Grand Vitara, XL6, Ignis, Baleno और Ciaz जैसी कारें शामिल हैं, जो स्पोर्टी डिजाइन, एडवांस्ड फीचर्स और बेहतर माइलेज के साथ आती हैं। इनमें से Fronx और Grand Vitara ने सबसे ज्यादा योगदान दिया। Grand Vitara की हाइब्रिड वेरिएंट ने फ्यूल एफिशिएंसी के कारण मिडिल क्लास को खूब लुभाया, जहां औसत माइलेज 25-27 किमी/लीटर तक पहुंचता है।
जीएसटी 2.0 सुधारों के बाद नेक्सा मॉडल्स पर कीमतों में औसतन 80,000 से 1.3 लाख रुपये तक की कटौती हुई, जिससे ये कारें और सुलभ हो गईं। उदाहरण के लिए, Fronx की एंट्री-लेवल वेरिएंट अब 7.5 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि टॉप वेरिएंट में 360 डिग्री कैमरा, हेड-अप डिस्प्ले, वेंटिलेटेड सीट्स और ADAS जैसे फीचर्स मिलते हैं – जो पहले 12-15 लाख की कारों में ही उपलब्ध थे।
मिडिल क्लास के लिए नेक्सा की सफलता के प्रमुख कारण:
किफायती प्रीमियमाइजेशन – 10 लाख के अंदर एसयूवी जैसा लुक और फीचर्स।
बेहतर सर्विस नेटवर्क – 200 नेक्सा स्टूडियो आउटलेट्स अब छोटे शहरों तक पहुंच चुके हैं।
हाइब्रिड और CNG विकल्प – फ्यूल कॉस्ट बचत के लिए Grand Vitara स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और Fronx CNG पॉपुलर।
उच्च रीसेल वैल्यू – मारुति की मजबूत ब्रांड वैल्यू से 3-4 साल बाद भी 60-70% वैल्यू बरकरार रहती है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 में एसयूवी सेगमेंट की कुल बिक्री में नेक्सा का हिस्सा करीब 18-20% रहा। Grand Vitara ने अकेले 1.2 लाख से अधिक यूनिट्स बेचीं, जबकि Fronx ने युवा खरीदारों को टारगेट करते हुए 1 लाख से ज्यादा बिक्री की। ये दोनों मॉडल मिडिल क्लास के लिए ‘अफोर्डेबल लग्जरी’ का परफेक्ट उदाहरण बन गए हैं, जहां ग्राहक पहले केवल मारुति की बेसिक कारें खरीदते थे, अब प्रीमियम फील के साथ।
कंपनी ने नेक्सा को और मजबूत बनाने के लिए नए आउटलेट्स खोलने की रफ्तार बढ़ाई। 2025 के अंत तक 200वां स्टूडियो लॉन्च होने से टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिमांड में 30-40% की बढ़ोतरी देखी गई। ग्राहक अब लोकल डीलरशिप पर ही प्रीमियम एक्सपीरियंस पा रहे हैं, जिसमें टेस्ट ड्राइव, पर्सनलाइज्ड कस्टमाइजेशन और फाइनेंस ऑप्शंस शामिल हैं।
नेक्सा की बिक्री में मिडिल क्लास का योगदान स्पष्ट है क्योंकि औसत खरीदार की उम्र 30-45 साल है, जो सैलरीड क्लास या छोटे बिजनेसमैन होते हैं। ये ग्राहक EMI पर कार खरीद रहे हैं, जहां मासिक किस्त 12,000-18,000 रुपये के बीच आती है। CNG और हाइब्रिड वेरिएंट्स से रनिंग कॉस्ट में 40-50% तक बचत हो रही है, जो महंगाई के दौर में बड़ा फैक्टर है।
आगे चलकर नेक्सा नए मॉडल्स जैसे Victoris (हाइब्रिड एसयूवी) को लॉन्च कर रही है, जिसकी वेटिंग अब 2-3 महीने तक पहुंच चुकी है। इससे मिडिल क्लास की डिमांड और बढ़ने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, नेक्सा ने साबित किया कि लग्जरी अब महंगी नहीं – बस स्मार्ट चॉइस की जरूरत है।