केंद्र सरकार ने NPS की जगह यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को 1 अप्रैल 2025 से लागू किया है, जिसके तहत केंद्रीय कर्मचारियों को कम से कम 25 साल की सेवा पर आखिरी 12 महीनों के औसत बेसिक पे का 50% गारंटीड पेंशन मिलेगा। न्यूनतम 10 साल की सेवा पर ₹10,000 मासिक पेंशन, फैमिली पेंशन 60% और महंगाई राहत से जुड़ी यह योजना कर्मचारियों के रिटायरमेंट को सुरक्षित बना रही है। विकल्प चुनने की अंतिम तिथि नवंबर 2025 तक बढ़ाई गई, जिसमें अब तक 1.22 लाख से अधिक कर्मचारियों ने चुना है।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम: सरकारी कर्मचारियों के लिए नई गारंटीड पेंशन व्यवस्था
केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी कर दिया है। यह योजना नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के अंतर्गत एक विकल्प के रूप में उपलब्ध है, जिसमें बाजार से जुड़े रिटर्न की अनिश्चितता के बजाय गारंटीड और महंगाई से सुरक्षित पेंशन मिलती है।
योजना के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:
गारंटीड पेंशन : 25 साल या उससे अधिक योग्य सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को सेवानिवृत्ति से पहले के आखिरी 12 महीनों के औसत बेसिक पे का 50% मासिक पेंशन मिलेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का औसत बेसिक पे ₹1 लाख है, तो उसे ₹50,000 मासिक पेंशन मिलेगी।
आनुपातिक पेंशन : 10 से 25 साल के बीच सेवा पर पेंशन आनुपातिक रूप से मिलेगी।
न्यूनतम पेंशन : कम से कम 10 साल की सेवा पर ₹10,000 प्रति माह की गारंटीड न्यूनतम पेंशन।
फैमिली पेंशन : कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार को तत्कालीन पेंशन का 60% मिलेगा, जो महंगाई राहत से जुड़ा रहेगा।
महंगाई राहत : पेंशन, फैमिली पेंशन और न्यूनतम पेंशन पर डीए/महंगाई राहत लागू होगी, जिससे मुद्रास्फीति के प्रभाव से सुरक्षा मिलेगी।
योगदान की दरें
| योगदानकर्ता | दर | विवरण |
|---|---|---|
| कर्मचारी | 10% | बेसिक पे + डियरनेस अलाउंस (DA) का |
| सरकार | 18.5% | बेसिक पे + DA का (NPS से अधिक) |
यह दर NPS की तुलना में सरकारी योगदान को बढ़ाती है, जहां NPS में सरकार 14% देती थी। अतिरिक्त 4.5% योगदान से फंड मजबूत होता है और गारंटीड पेआउट सुनिश्चित होता है।
पात्रता और विकल्प चुनने की प्रक्रिया
NPS के अंतर्गत आने वाले सभी मौजूदा केंद्रीय कर्मचारी (1 अप्रैल 2025 को सेवा में)।
1 अप्रैल 2025 के बाद सेवा में शामिल होने वाले नए कर्मचारी।
31 मार्च 2025 तक रिटायर हो चुके कर्मचारी भी विकल्प चुन सकते हैं।
विकल्प चुनने की अंतिम तिथि नवंबर 2025 तक बढ़ाई गई है, जिसके बाद डिफॉल्ट रूप से UPS लागू रहेगा यदि चुना गया।
एक बार UPS चुने जाने के बाद एक-तरफा स्विच NPS में संभव है, लेकिन सेवानिवृत्ति से एक साल पहले या VRS के मामले में तीन महीने पहले तक।
अनुशासनिक कार्रवाई या बर्खास्तगी के मामलों में स्विच नहीं मिलेगा।
लाभ और सुरक्षा के प्रमुख बिंदु
बाजार जोखिम से मुक्ति: NPS में पेंशन निवेश रिटर्न पर निर्भर थी, लेकिन UPS में गारंटीड है।
ग्रेच्युटी और डेथ ग्रेच्युटी: UPS चुनने वालों को ये लाभ भी मिलते रहेंगे।
कुल प्रभावित कर्मचारी: लगभग 23-24 लाख केंद्रीय कर्मचारी पात्र हैं, जिसमें से अब तक 1.22 लाख से अधिक ने विकल्प चुना है।
वित्तीय प्रभाव: सरकार पर अतिरिक्त बोझ लगभग ₹6,250 करोड़ सालाना अनुमानित है, लेकिन यह कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता देता है।
यह योजना पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की सुरक्षा और NPS की वित्तीय अनुशासन को जोड़ती है, जिससे सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय का भरोसा मिलता है। कर्मचारियों को सलाह है कि अपनी सेवा अवधि, वर्तमान NPS कॉर्पस और भविष्य की जरूरतों के आधार पर जल्द विकल्प चुनें।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। योजना के अंतिम नियमों के लिए आधिकारिक अधिसूचना या विभागीय दिशानिर्देश देखें।