भारत का विनिर्माण PMI फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंचा, घरेलू मांग से मजबूत सुधार के संकेत

“फरवरी 2026 में HSBC India Manufacturing PMI जनवरी के 55.4 से बढ़कर 56.9 पर पहुंच गया, जो चार महीने का उच्चतम स्तर है। मजबूत घरेलू मांग ने नए ऑर्डर और उत्पादन में तेजी लाई, जबकि निर्यात ऑर्डर में 17 महीने की सबसे धीमी वृद्धि दर्ज हुई। लागत दबाव मध्यम रहे, लेकिन उत्पादन में तेजी और रोजगार सृजन से आर्थिक रिकवरी मजबूत दिख रही है।”

विस्तृत खबर

फरवरी 2026 में भारत के विनिर्माण क्षेत्र ने मजबूत प्रदर्शन दिखाया है। HSBC India Manufacturing Purchasing Managers’ Index (PMI), जो S&P Global द्वारा संकलित है, जनवरी के 55.4 से बढ़कर 56.9 पर पहुंच गया। यह चार महीने का उच्चतम स्तर है और 50 से ऊपर रहने से क्षेत्र में विस्तार जारी है।

घरेलू बाजार में मांग में काफी सुधार आया, जिसने नए ऑर्डर में तेज वृद्धि दर्ज की। पैनल सदस्यों ने मांग की मजबूती, मार्केटिंग प्रयासों और ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों को इसका कारण बताया। नए ऑर्डर की वृद्धि दर अक्टूबर के बाद सबसे तेज रही, जो ऐतिहासिक रूप से भी ऊंची स्तर पर है।

उत्पादन में भी चार महीने की सबसे तेज वृद्धि हुई, जो लंबी अवधि के औसत से ऊपर रही। कंपनियों ने दक्षता सुधार, मजबूत अंतर्निहित मांग, नए काम के बढ़ते ऑर्डर और तकनीकी निवेश को उत्पादन बढ़ाने के प्रमुख कारक बताए।

हालांकि, नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि 17 महीने की सबसे धीमी रही। वृद्धि दर लंबी अवधि के औसत के करीब पहुंच गई। जहां निर्यात बढ़ा, वहां एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और अमेरिका से मांग का हवाला दिया गया। वैश्विक व्यापार अनिश्चितता के बीच निर्यात में मंदी आई है।

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रोजगार में मामूली वृद्धि हुई, जो चार महीने की सबसे तेज रही। कंपनियों ने बढ़े कार्यभार को संभालने के लिए भर्तियां कीं। हालांकि, निर्यात मंदी ने रोजगार सृजन को कुछ सीमित किया।

इनपुट लागत में वृद्धि जनवरी जैसी ही मध्यम रही। लागत दबाव नियंत्रित दिखे। वहीं, आउटपुट चार्ज में महंगाई थोड़ी बढ़ी और लंबी अवधि के औसत से ऊपर रही।

कंपनियां उत्पादन और खरीद में वृद्धि कर रही हैं। इन्वेंटरी बढ़ाई गई है ताकि उत्पादन जरूरतें पूरी हों और सावधानीपूर्ण खरीदारी हो सके।

HSBC की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रंजुल भंडारी ने कहा कि फरवरी में विनिर्माण गतिविधि में तेजी आई है। उत्पादन दूसरा महीना तेज हुआ, मुख्य रूप से मजबूत घरेलू ऑर्डर से। निर्यात ऑर्डर में मध्य-2025 से जारी मंदी ने रोजगार सृजन को प्रभावित किया।

यह डेटा 9-23 फरवरी 2026 के बीच करीब 400 विनिर्माण कंपनियों के सर्वेक्षण पर आधारित है। PMI नए ऑर्डर, उत्पादन, रोजगार, सप्लायर डिलीवरी टाइम और खरीद स्टॉक जैसे कारकों से बनता है।

प्रमुख संकेतक तालिका

PMI फरवरी 2026: 56.9 (जनवरी: 55.4)

नए ऑर्डर वृद्धि: अक्टूबर के बाद सबसे तेज

उत्पादन वृद्धि: चार महीने की सबसे तेज

निर्यात ऑर्डर वृद्धि: 17 महीने की सबसे धीमी

रोजगार वृद्धि: चार महीने की सबसे तेज

इनपुट लागत महंगाई: जनवरी जैसी मध्यम

बिजनेस सेंटिमेंट: वर्ष भर सकारात्मक, विकास की उम्मीद

यह आंकड़ा भारत की आर्थिक मजबूती दिखाता है, जहां घरेलू मांग अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रही है। निर्यात चुनौतियों के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र में सुधार जारी है।

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