” देश में पहली बार किसी फैकल्टी-लेड स्टार्टअप Sedemac Mechatronics का IPO लिस्टिंग के लिए तैयार है। IIT Bombay के एसोसिएट प्रोफेसर शशिकांत सूर्यनारायणन द्वारा 2007 में स्थापित इस कंपनी को निवेशकों से भारी रिस्पॉन्स मिला है। कंपनी का वैल्यूएशन ऊपरी बैंड पर करीब 6000 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि IIT Bombay के इनक्यूबेटर SINE को 55 करोड़ रुपये का विंडफॉल लाभ होने जा रहा है। यह भारतीय अकादमिक संस्थानों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। “*
Sedemac Mechatronics का IPO भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक नया अध्याय जोड़ रहा है। यह कंपनी IIT Bombay से निकली पहली फैकल्टी-लेड स्टार्टअप है जो स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने जा रही है। कंपनी का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित है, जिसमें प्रमोटर्स और अन्य शेयरधारक अपने शेयर बेच रहे हैं। प्राइस बैंड 1,287 से 1,352 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। ऊपरी बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 6,000 करोड़ रुपये है।
कंपनी की स्थापना 2007 में IIT Bombay के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर शशिकांत सूर्यनारायणन ने अपने छात्रों Pushkaraj Panse, Amit Dixit और Manish Sharma के साथ मिलकर की थी। शुरुआत कैंपस लैब से हुई और 2008 में इसे IIT Bombay के इनक्यूबेटर SINE (Society for Innovation and Entrepreneurship) में इनक्यूबेट किया गया। Sedemac ऑटोमोटिव पावरट्रेन के लिए इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम विकसित करती है और ग्लोबल टू-व्हीलर तथा ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स को सप्लाई करती है। कंपनी पुणे आधारित है और डीपटेक सेक्टर में मजबूत पकड़ रखती है।
IIT Bombay के इनक्यूबेटर SINE ने कंपनी में शुरुआती दौर में मात्र 4,080 रुपये का निवेश किया था, जो अब ऊपरी प्राइस बैंड पर करीब 55 करोड़ रुपये का हो गया है। SINE के पास कंपनी के लगभग 4.08 लाख शेयर हैं, जो प्री-ऑफर कैपिटल का 0.92% है। IPO में SINE आधे शेयर बेचकर लगभग 27.6 करोड़ रुपये प्राप्त करेगा, जबकि बाकी हिस्से को बाद में बेचा जा सकता है। यह किसी भी भारतीय यूनिवर्सिटी इनक्यूबेटर का IPO पर सबसे बड़ा एग्जिट है, जो IIT Madras के Ather Energy से भी बड़ा है।
प्रोफेसर शशिकांत सूर्यनारायणन के पास कंपनी में 16.16% हिस्सेदारी है, जो ऊपरी बैंड पर करीब 967 करोड़ रुपये की है। अन्य फाउंडर्स Amit Dixit और Manish Sharma की हिस्सेदारी क्रमशः 168 करोड़ और 117 करोड़ रुपये के आसपास है। प्रमोटर Anaykumar Avinash Joshi की हिस्सेदारी भी 80 करोड़ रुपये के करीब है। कुल मिलाकर लिस्टिंग से फाउंडर्स और निवेशकों को लगभग 4,800 करोड़ रुपये का अनलॉक होने का अनुमान है।
Sedemac का बिजनेस मॉडल ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स पर फोकस्ड है, जहां यह इंजन कंट्रोल यूनिट्स, ट्रांसमिशन कंट्रोल और अन्य पावरट्रेन कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष में 217.35 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया है। यह भारतीय डीपटेक स्टार्टअप्स के लिए मिसाल कायम कर रही है, जहां अकादमिक रिसर्च को कमर्शियल सफलता में बदला जा सकता है।
यह घटना भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देगी। IIT Bombay ने पहले ideaForge का सफल IPO देखा था, जहां SINE को 6.7 करोड़ रुपये का पोजीशन मिला था। अब Sedemac के साथ यह दूसरा बड़ा एग्जिट है। संस्थान ने Y-Point VC Fund जैसी पहल शुरू की है, जो 250 करोड़ रुपये का फंड है और आगे के इनक्यूबेशन को सपोर्ट करेगा।
Sedemac की सफलता से अन्य प्रोफेसर्स और स्टूडेंट्स के लिए प्रेरणा मिलेगी। यह दिखाता है कि कैंपस से निकली टेक्नोलॉजी ग्लोबल मार्केट में कैसे प्रतिस्पर्धा कर सकती है। लिस्टिंग 11 मार्च को होने वाली है, जिससे भारतीय स्टॉक मार्केट में डीपटेक कंपनियों की एंट्री बढ़ेगी।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी और रिपोर्ट्स पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी जांच करें।