कहने को इलेक्ट्रिक, फिर भी कंपनी के पूरे पोर्टफोलियो पर भारी पड़ रही ये कार; हेक्टर, एस्टर इसके आगे फेल.

“एमजी मोटर इंडिया की विंडसर ईवी ने 2025 में कुल बिक्री का 76.3% हिस्सा हासिल कर कंपनी के पोर्टफोलियो को पीछे छोड़ दिया, जहां हेक्टर की बिक्री मात्र 1,147 यूनिट और एस्टर की 112 यूनिट रही, जबकि विंडसर ने 3,596 यूनिट बेचीं। यह ईवी क्रॉसओवर सेगमेंट में मजबूत पकड़ दिखा रही है, जिससे एमजी की ईवी बिक्री 1 लाख यूनिट पार हो गई।”

जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने 2025 में कुल 70,554 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जिसमें ईवी सेगमेंट का योगदान प्रमुख रहा। विंडसर ईवी ने कंपनी की कुल ईवी बिक्री का 76.3% हिस्सा कब्जा लिया, जो दिसंबर 2025 में 3,596 यूनिट्स तक पहुंच गई। इसके मुकाबले हेक्टर की बिक्री दिसंबर में सिर्फ 1,147 यूनिट्स रही, जबकि एस्टर ने महज 112 यूनिट्स बेचीं।

यह ट्रेंड पूरे साल जारी रहा, जहां विंडसर ईवी ने क्रॉसओवर सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन किया। एमजी की कुल ईवी बिक्री 2025 में 47,574 यूनिट्स तक पहुंची, जो पिछले साल की तुलना में 165% की वृद्धि दर्शाती है। कंपनी की मार्केट शेयर ईवी सेगमेंट में 25.1% हो गई, जो टाटा मोटर्स के बाद दूसरे स्थान पर है।

मॉडल-वाइज बिक्री तुलना (दिसंबर 2025):

मॉडलबिक्री यूनिट्ससालाना वृद्धि (%)
Windsor EV3,59643
Hector1,147-71
Comet EV1,143-13
ZS EV502-38
Astor112-22

विंडसर ईवी की सफलता का कारण इसका बैटरी रेंज और फीचर्स हैं, जिसमें 38 kWh बैटरी पैक के साथ 331 किमी की रेंज और CUV डिजाइन शामिल है। यह मॉडल 15 लाख रुपये की कीमत रेंज में उपलब्ध है, जो मिड-साइज ईवी खरीदारों को आकर्षित कर रहा है। वहीं, हेक्टर और एस्टर जैसे पेट्रोल-डीजल मॉडल्स को ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव और ईवी सब्सिडी के चलते चुनौती मिल रही है।

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ईवी सेगमेंट में एमजी की स्थिति:

विंडसर ईवी: कंपनी की ईवी बिक्री का 76.3% हिस्सा, जो ZS EV को पीछे छोड़ चुकी है।

कुल ईवी माइलस्टोन: 1 लाख यूनिट्स पार, जिसमें विंडसर का योगदान 70% से अधिक।

मार्केट रैंकिंग: महिंद्रा (22.1%) से आगे, लेकिन टाटा (35.78%) से पीछे।

कंपनी अब प्रीमियम ईवी जैसे M9 और Cyberster पर फोकस कर रही है, जो लग्जरी सेगमेंट में प्रवेश दिलाएंगे। विंडसर की बिक्री ने एमजी को ईवी मार्केट में 30% शेयर दिया, जो जून 2025 में 3,945 ईवी यूनिट्स तक पहुंची।

प्रमुख चुनौतियां और अवसर:

चुनौतियां: हेक्टर और एस्टर की गिरती बिक्री से पोर्टफोलियो बैलेंस प्रभावित, जहां पेट्रोल मॉडल्स अब कुल बिक्री का 20% से कम योगदान दे रहे हैं।

अवसर: ईवी सब्सिडी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार से विंडसर जैसी कारें और मजबूत होंगी, जिससे 2026 में 80,000 यूनिट्स का लक्ष्य संभव।

यह शिफ्ट भारतीय ऑटो मार्केट में ईवी की बढ़ती मांग को दर्शाता है, जहां कुल ईवी बिक्री 2025 में 86% बढ़ी और मार्केट शेयर 4-5% तक पहुंचा।

Disclaimer: यह समाचार, रिपोर्ट, टिप्स, स्रोतों पर आधारित है।

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