“शेयर बाजार में तेज गिरावट के बीच निफ्टी 23,151 पर बंद हुआ। 23500 का प्रतिरोध स्तर पार करना बाजार के लिए निर्णायक होगा, जबकि 22900 से नीचे फिसलने पर और गहरी गिरावट आ सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक तनाव और एफआईआई बिकवाली के कारण निकट अवधि में सतर्कता बरतनी होगी।”
शेयर बाजार आउटलुक: निफ्टी के लिए 23500 पार करना जरूरी, 22900 से नीचे आएगी भारी गिरावट; एक्सपर्ट्स की सलाह
हालिया कारोबारी सत्र में निफ्टी 50 इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई है। 13 मार्च 2026 को निफ्टी 488.05 अंकों की गिरावट के साथ 23,151.10 पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र से 2.06% कम है। दिन के दौरान इंडेक्स 23,462.50 पर खुला, उच्चतम स्तर 23,492.40 रहा जबकि निचला स्तर 23,112.00 तक छुआ।
यह गिरावट मुख्य रूप से मेटल, ऑटो, इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली से आई। प्रमुख हारने वाले स्टॉक्स में LT, Hindalco, Tata Steel, JSW Steel और SBI शामिल रहे। वहीं, डिफेंसिव सेक्टर जैसे FMCG में कुछ हद तक सपोर्ट दिखा, जहां Tata Consumer और Hindustan Unilever जैसे स्टॉक्स हरे निशान में बंद हुए।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाजार अब महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों पर पहुंच चुका है। निफ्टी के लिए तत्काल प्रतिरोध 23,500-23,800 के बीच है। यदि इंडेक्स इस स्तर को निर्णायक रूप से पार कर जाता है तो अल्पावधि में तेजी की संभावना बढ़ सकती है और 23,777 से 24,166 तक उछाल आ सकता है। हालांकि, फिलहाल बाजार में मंदी का रुख मजबूत है और ओवरसोल्ड स्थितियां (RSI 30 से नीचे) होने के बावजूद पुलबैक सीमित रह सकता है।
नीचे की तरफ सपोर्ट 23,000-22,900 के जोन में है। यदि निफ्टी 22,900 से नीचे सस्टेनेबल ब्रेक देता है तो अगला लक्ष्य 22,700 (78.6% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर) और उसके बाद 22,500-21,800 तक गिरावट संभव है। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि 22,900 के पास अप्रैल 2025 का गैप जोन है, जो मजबूत सपोर्ट काम कर सकता है, लेकिन निर्णायक ब्रेकडाउन पर वोलेटिलिटी बढ़ सकती है।
वैश्विक कारकों का असर भी साफ दिख रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संभावित व्यवधान और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से निवेशक सतर्क हैं। एफआईआई की निरंतर बिकवाली और रुपये की कमजोरी (92.45 के नए निचले स्तर पर) ने घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
मुख्य तकनीकी स्तर (निफ्टी 50)
| स्तर का प्रकार | मूल्य स्तर | महत्व |
|---|---|---|
| तत्काल प्रतिरोध | 23,500 – 23,800 | पुलबैक पर मजबूत बिकवाली, पार करने पर तेजी संभव |
| प्रमुख प्रतिरोध | 23,777 – 24,166 | अल्पावधि लक्ष्य यदि ऊपर की ओर ब्रेकआउट |
| तत्काल सपोर्ट | 23,000 – 22,900 | महत्वपूर्ण जोन, यहां से रिकवरी की उम्मीद |
| गहरा सपोर्ट | 22,700 – 22,500 | फिबोनाची स्तर, ब्रेक पर और गिरावट 21,800 तक संभव |
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि ट्रेडर्स को सख्त रिस्क मैनेजमेंट अपनाना चाहिए। शॉर्ट टर्म में ‘सेल ऑन राइज’ रणनीति अपनाई जा सकती है जब तक निफ्टी 23,500 के ऊपर सस्टेन नहीं करता। लॉन्ग पोजीशन के लिए 22,900 के ऊपर होल्ड और वॉल्यूम के साथ ब्रेकआउट का इंतजार करें।
बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही, जहां मात्र 3 स्टॉक्स बढ़त में और 47 गिरावट में बंद हुए। बैंक निफ्टी में भी 2.44% की गिरावट दर्ज की गई। कुल मिलाकर, निकट अवधि में वोलेटिलिटी बनी रहेगी और निवेशकों को वैश्विक संकेतों तथा घरेलू मैक्रो डेटा पर नजर रखनी होगी।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और बाजार विश्लेषण पर आधारित है। निवेश से पहले प्रमाणित सलाहकार से परामर्श लें। बाजार जोखिमों के अधीन है।