“शेयर बाजार में आई तेज गिरावट ने भारतीय रुपये को भी प्रभावित किया है। Sensex 1,048 अंकों की गिरावट के साथ 82,626 पर और Nifty 336 अंकों की कमी के साथ 25,471 पर बंद हुआ। USD/INR 90.66 के स्तर पर बंद हुआ, जो हाल के दिनों में रुपये की कमजोरी को दर्शाता है। IT सेक्टर में AI disruption की आशंकाओं से बिकवाली बढ़ी, जिससे बाजार और मुद्रा दोनों पर दबाव पड़ा।”
शेयर बाजार में गिरावट का रुपये पर दिखा असर, डॉलर के मुकाबले 90.66 के स्तर पर हुआ बंद
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखी गई, जिसने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को गहरा नुकसान पहुंचाया। BSE Sensex 1,048.16 अंकों यानी 1.25% की गिरावट के साथ 82,626.76 पर बंद हुआ। NSE Nifty 50 इंडेक्स 336.10 अंकों यानी 1.30% नीचे 25,471.10 पर समाप्त हुआ। यह लगातार दूसरा सत्र था जहां बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई।
IT सेक्टर में लगातार तीसरे दिन भारी बिकवाली हुई। AI से जुड़ी ग्लोबल चिंताओं के कारण आउटसोर्सिंग डिमांड में कमी की आशंका ने भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव डाला। TCS, Infosys, HCL Technologies और Tech Mahindra जैसे प्रमुख स्टॉक्स में 2-7% तक की गिरावट आई। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स में भी गहरी गिरावट दर्ज हुई।
अन्य सेक्टरों में भी कमजोरी दिखी। मेटल, एनर्जी, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर 2-3% तक लुढ़के। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में भी दबाव रहा, हालांकि कुछ बैंकिंग स्टॉक्स ने सपोर्ट दिखाया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 1.8% की गिरावट आई, जो ब्रॉडर मार्केट की कमजोरी को उजागर करती है।
इस गिरावट का सीधा असर फॉरेक्स मार्केट पर पड़ा। भारतीय रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोरी दिखाई और 90.66 के स्तर पर बंद हुआ। कुछ रिपोर्ट्स में इंट्राडे में यह 90.76 तक पहुंचा था। रुपये की यह कमजोरी FII आउटफ्लो, इंपोर्टर्स की डॉलर डिमांड और ग्लोबल रिस्क-ऑफ सेंटिमेंट से जुड़ी हुई है। RBI की संभावित इंटरवेंशन के बावजूद रुपये में स्थिरता नहीं आ सकी।
ग्लोबल संकेत भी नकारात्मक रहे। US टेक सेक्टर में AI disruption की चिंताओं से Nasdaq में गिरावट आई, जिसका असर एशियाई मार्केट्स पर पड़ा। साथ ही, US इकोनॉमिक डेटा से फेड रेट कट की उम्मीदें कम हुईं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ। भारतीय बाजार में जनवरी इन्फ्लेशन डेटा भी RBI के रेट कट की संभावनाओं को कमजोर कर रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि IT सेक्टर की यह कमजोरी लंबे समय तक बनी रह सकती है। AI ऑटोमेशन से आउटसोर्सिंग जॉब्स पर असर पड़ने की आशंका ने इन्वेस्टर सेंटिमेंट को प्रभावित किया है। FII ने हाल के सत्रों में निकासी तेज की है, जबकि DII ने सपोर्ट दिया।
मुख्य आंकड़े एक नजर में:
Sensex बंद : 82,626.76 (-1,048.16 अंक, -1.25%)
Nifty बंद : 25,471.10 (-336.10 अंक, -1.30%)
USD/INR बंद : 90.66 (कमजोर)
IT सेक्टर प्रभाव : प्रमुख स्टॉक्स में 2-7% गिरावट
सेक्टरल गिरावट : मेटल, एनर्जी, रियल्टी 2-3%
ब्रॉड मार्केट : मिडकैप/स्मॉलकैप ~1.8% नीचे
यह गिरावट बाजार में बढ़ती अस्थिरता को दिखाती है। निवेशकों को अब सपोर्ट लेवल्स पर नजर रखनी चाहिए। Nifty के लिए 25,400 के आसपास सपोर्ट और 25,550 के पास रेजिस्टेंस महत्वपूर्ण है। रुपये के लिए 90.50-91.00 का रेंज देखा जा रहा है।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट वास्तविक बाजार डेटा और ट्रेंड्स पर आधारित है। निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।