“1990 में 60 हजार रुपये में खरीदी गई 4 एकड़ जमीन का एक हिस्सा DMart फाउंडर राधाकिशन दमानी को 25 करोड़ में बेचा गया। बिक्री से मिले पैसे FD में निवेश कर हर महीने 14.5 लाख का passive income शुरू हो गया – रियल एस्टेट और स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग की जबरदस्त मिसाल।”
जमीन से करोड़ों का सफर: एक अनोखी निवेश कहानी
1990 के शुरुआती दौर में, जब रियल एस्टेट मार्केट अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ था, एक व्यक्ति के चाचा ने महज 60,000 रुपये में 4 एकड़ जमीन खरीद ली। यह जमीन उस समय सस्ती इलाके में थी, जहां विकास की संभावनाएं तो थीं लेकिन अभी दूर की कौड़ी लगती थीं। समय के साथ शहरीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और कमर्शियल डिमांड बढ़ने से इस इलाके की वैल्यू में भारी उछाल आया।
कई साल बाद, जब Avenue Supermarts Limited (DMart की पैरेंट कंपनी) ने एक्सपेंशन के लिए जमीन तलाशी, तो इस 4 एकड़ में से 2 एकड़ हिस्सा उनके निशाने पर आया। राधाकिशन दमानी की टीम ने इस 2 एकड़ जमीन को 25 करोड़ रुपये में खरीद लिया। यह डील उस व्यक्ति के लिए लाइफ-चेंजिंग साबित हुई, क्योंकि निवेश पर रिटर्न कई हजार गुना हो गया।
बिक्री से मिले 25 करोड़ रुपये को उन्होंने स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल किया। पूरा अमाउंट फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश कर दिया गया। मौजूदा समय में बड़े अमाउंट पर बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन अच्छे रेट ऑफर कर रहे हैं। स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे Suryoday, Jana, ESAF आदि 7.5% से 7.9% तक सालाना ब्याज दे रहे हैं, जबकि कुछ NBFC और प्राइवेट बैंक बड़े डिपॉजिट पर और बेहतर रेट उपलब्ध करा रहे हैं।
मान लें कि 25 करोड़ पर औसतन 7% सालाना कंपाउंडिंग के साथ FD किया गया हो (जो बड़े डिपॉजिट के लिए रियलिस्टिक है), तो सालाना ब्याज लगभग 1.75 करोड़ रुपये बनता है। इसे 12 महीनों में बांटें तो हर महीने करीब 14.58 लाख रुपये (लगभग 14.5 लाख) का इंटरेस्ट आता है। यह राशि टैक्स के बाद भी काफी बड़ी passive income है, बिना किसी रोजाना काम के।
कैसे हुआ इतना बड़ा मल्टीप्लायर?
1990 में खरीद : 60,000 रुपये में 4 एकड़ – प्रति एकड़ करीब 15,000 रुपये।
विकास का फायदा : इलाका मुंबई या आसपास के महानगरों के नजदीक होने से कमर्शियल वैल्यू बढ़ी।
DMart डील : 2 एकड़ के लिए 25 करोड़ – प्रति एकड़ 12.5 करोड़, यानी मूल निवेश से हजारों गुना रिटर्न।
बाकी 2 एकड़ : अभी भी उनके पास, जिनकी वैल्यू भी करोड़ों में होगी।
FD से इनकम : 25 करोड़ पर 7% रेट से मासिक ~14.5 लाख – रिटायरमेंट या फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए आदर्श।
रियल एस्टेट निवेश की सीख
यह कहानी बताती है कि भारत में रियल एस्टेट लंबी अवधि का सबसे मजबूत एसेट क्लास रहा है। 1990 से 2020 के बीच कई इलाकों में जमीन की कीमतें 1000-5000 गुना तक बढ़ी हैं। लेकिन सफलता के लिए जरूरी है:
सही लोकेशन चुनना (भविष्य में विकास वाली जगहें)।
धैर्य रखना (कई दशक इंतजार)।
बिक्री के बाद पैसे को सुरक्षित और इनकम जनरेट करने वाले ऑप्शन में लगाना।
FD से passive income के फायदे
कोई मार्केट रिस्क नहीं।
गारंटीड रिटर्न।
बड़े अमाउंट पर बेहतर नेगोशिएटेड रेट मिल सकते हैं।
सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त 0.5% तक ब्याज।
TDS नियमों का पालन कर टैक्स ऑप्टिमाइजेशन संभव।
यह घटना वायरल हो रही है क्योंकि यह आम आदमी को दिखाती है कि छोटी शुरुआत से भी बड़ा धन-सृजन हो सकता है, बशर्ते विजन और धैर्य हो। राधाकिशन दमानी जैसे सफल बिजनेसमैन अक्सर ऐसे डील्स करते हैं जो लोकल जमीन ओनर्स के लिए लाइफ-ट्रांसफॉर्मिंग साबित होती हैं।
Disclaimer : यह एक न्यूज रिपोर्ट और प्रेरक कहानी है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें। कोई गारंटी नहीं।